Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
बाजार में फिर गिरावट
अमेरिका से समझौते के बाद भी कमजोरी
ट्रेड डील और सुधारों के बावजूद सुस्त बाजार, निवेशकों की उम्मीदों पर फिर पानी
13 Feb 2026, 02:43 PM Maharashtra - Mumbai
Reporter : Mahesh Sharma
Mumbai भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील, जीएसटी सुधार और ब्याज दरों में कटौती जैसे सकारात्मक कदमों के बावजूद बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं आ पाई है। निवेशकों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि इतने बड़े आर्थिक दांव के बावजूद बाजार स्थिर क्यों है।

कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन निफ्टी करीब 25,500 अंकों के आसपास बना रहा। जबकि जनवरी 2026 में इसने 26,373 अंकों का ऑल टाइम हाई छुआ था। इसके बाद से बाजार में धीरे-धीरे नरमी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सुधारात्मक कदम उठाए गए हों, लेकिन निवेशकों की उम्मीदें उससे कहीं ज्यादा थीं। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर भी बाजार में पहले से ही काफी उत्साह था, जिसका असर पहले ही कीमतों में शामिल हो चुका था।

जीएसटी सुधारों और Reserve Bank of India द्वारा ब्याज दरों में कटौती जैसे फैसलों से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कॉरपोरेट आय में तत्काल सुधार नहीं दिखा। इससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाया।

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी बाजार में लौटे हैं, लेकिन उनका निवेश सीमित सेक्टरों तक ही सिमटा हुआ है। बैंकिंग और कैपिटल गुड्स में कुछ खरीदारी देखी गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी दबाव बना हुआ है।

विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं। इसके अलावा, उच्च मूल्यांकन (वैल्यूएशन) भी तेजी में बाधा बन रहे हैं।

कुछ बाजार जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि में भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, लेकिन अल्पकाल में बाजार समेकन (कंसोलिडेशन) के दौर से गुजर सकता है। निवेशकों को घबराने के बजाय पोर्टफोलियो संतुलित रखने और मजबूत कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर, सकारात्मक खबरों के बावजूद बाजार की सुस्ती यह संकेत देती है कि केवल नीतिगत घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। निवेशकों को अब ठोस कॉरपोरेट प्रदर्शन और सतत आर्थिक सुधारों के संकेतों का इंतजार है। आने वाले तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेतक बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open

More News

thumb
अखिलेश के बयान पर रामभद्राचार्य मौन, सवाल सुनते ही कार का शीशा बंद किया
February 27, 2026
thumb
शादी के बाद पहली बार साथ दिखेंगे रश्मिका और विजय, नई फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता
February 27, 2026
thumb
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
thumb
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
thumb
दिल्ली में आयुष्मान योजना का विस्तार, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज लाभ
February 27, 2026
thumb
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
thumb
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगा तेलंगाना प्रशासन जल्द
February 27, 2026
thumb
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
thumb
संभल में रंग एकादशी जुलूस और जुम्मे नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की
February 27, 2026
thumb
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Open