Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका
प्रयागराज पीओसीएसओ केस में स्वामी और शिष्यों ने न्याय की गुहार
यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की
24 Feb 2026, 02:37 PM
Uttar Pradesh
-
Prayagraj (Allahabad)
Reporter :
Mahesh Sharma
Prayagraj (Allahabad)
प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एक गंभीर यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दोनों आरोपी अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। याचिका में उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें गिरफ्तार न किया जाए।
यह मामला 21 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था और इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और 2-3 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक कृत्य किए। शिकायत के अनुसार घटना झूंसी थाने के क्षेत्र में हुई और इसे गंभीरता से लिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। उनका तर्क है कि गिरफ्तारी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और धार्मिक कार्यों पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि वे पूरी तरह जांच में सहयोग देने को तैयार हैं और किसी भी तरह की सबूत छेड़छाड़ या भागने का इरादा नहीं रखते।
प्रयागराज के पुलिस अधिकारी बताते हैं कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और साक्ष्यों और गवाहों की पुष्टिकरण की प्रक्रिया चल रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं, और अब हाईकोर्ट की सुनवाई से उनकी स्थिति स्पष्ट होगी।
इस मामले ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। सामाजिक मीडिया और समाचार चैनलों पर इस केस को लेकर व्यापक बहस चल रही है। लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट इस मामले में अग्रिम जमानत की अनुमति देता है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो एक्ट के मामले संवेदनशील और गंभीर होते हैं, इसलिए अदालत हर पहलू को ध्यान में रखते हुए न्याय निर्णय देती है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने तक अग्रिम जमानत देने का निर्णय आम तौर पर आरोपी की पूर्व गतिविधियों, समाज में स्थिति और जांच में सहयोग की भावना पर निर्भर करता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका अब न्यायालय में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। अदालत के फैसले का असर न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर पड़ेगा, बल्कि इस केस की जांच प्रक्रिया और भविष्य की कानूनी रणनीतियों पर भी प्रभाव डालेगा।
यह मामला भारतीय न्याय प्रणाली में पॉक्सो एक्ट की गंभीरता और धार्मिक व्यक्तियों की कानूनी जिम्मेदारियों पर एक नया दृष्टिकोण पेश कर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार अब पूरे देश में किया जा रहा है।
यह मामला 21 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था और इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और 2-3 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक कृत्य किए। शिकायत के अनुसार घटना झूंसी थाने के क्षेत्र में हुई और इसे गंभीरता से लिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। उनका तर्क है कि गिरफ्तारी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और धार्मिक कार्यों पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि वे पूरी तरह जांच में सहयोग देने को तैयार हैं और किसी भी तरह की सबूत छेड़छाड़ या भागने का इरादा नहीं रखते।
प्रयागराज के पुलिस अधिकारी बताते हैं कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और साक्ष्यों और गवाहों की पुष्टिकरण की प्रक्रिया चल रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं, और अब हाईकोर्ट की सुनवाई से उनकी स्थिति स्पष्ट होगी।
इस मामले ने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। सामाजिक मीडिया और समाचार चैनलों पर इस केस को लेकर व्यापक बहस चल रही है। लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट इस मामले में अग्रिम जमानत की अनुमति देता है या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो एक्ट के मामले संवेदनशील और गंभीर होते हैं, इसलिए अदालत हर पहलू को ध्यान में रखते हुए न्याय निर्णय देती है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने तक अग्रिम जमानत देने का निर्णय आम तौर पर आरोपी की पूर्व गतिविधियों, समाज में स्थिति और जांच में सहयोग की भावना पर निर्भर करता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका अब न्यायालय में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। अदालत के फैसले का असर न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी पर पड़ेगा, बल्कि इस केस की जांच प्रक्रिया और भविष्य की कानूनी रणनीतियों पर भी प्रभाव डालेगा।
यह मामला भारतीय न्याय प्रणाली में पॉक्सो एक्ट की गंभीरता और धार्मिक व्यक्तियों की कानूनी जिम्मेदारियों पर एक नया दृष्टिकोण पेश कर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार अब पूरे देश में किया जा रहा है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
More News
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
संभल में रंग एकादशी जुलूस और जुम्मे नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की
February 27, 2026
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
एआई अपडेट से स्टार्टअप बंद होने का दावा, फाउंडर ने बताया कैसे खत्म हुआ कारोबार अचानक
February 27, 2026
अखिलेश के बयान पर रामभद्राचार्य मौन, सवाल सुनते ही कार का शीशा बंद किया
February 27, 2026
शादी के बाद पहली बार साथ दिखेंगे रश्मिका और विजय, नई फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता
February 27, 2026
दिल्ली में आयुष्मान योजना का विस्तार, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज लाभ
February 27, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…