Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
वीरान हुआ पुराना मॉल
दिल्ली का ऐतिहासिक मॉल अब सुनसान नजर आने लगा
कभी दिल्ली की पहचान रहा अंसल प्लाजा अब वीरान, घटती रौनक से बढ़ी चिंता
23 Feb 2026, 11:00 AM
Delhi
-
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
New Delhi
राजधानी दिल्ली का कभी लोकप्रिय शॉपिंग सेंटर रहा Ansal Plaza आज वीरानी का प्रतीक बनता जा रहा है। एक समय यह मॉल शहर की आधुनिक जीवनशैली और बदलते शॉपिंग कल्चर की पहचान माना जाता था, लेकिन अब यहां सन्नाटा और खाली दुकानें देखने को मिलती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां भीड़ उमड़ती थी, वहां अब मुश्किल से कुछ लोग नजर आते हैं।
साल 1999 में दक्षिण दिल्ली में शुरू हुआ यह मॉल राजधानी के शुरुआती बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शामिल था। उस समय दिल्ली में मॉल संस्कृति नई थी और अंसल प्लाजा लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया था। यहां फैशन स्टोर्स, फूड आउटलेट और मनोरंजन सुविधाएं लोगों को खींचकर लाती थीं। सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में परिवार और युवा पहुंचते थे।
समय के साथ स्थिति बदलती चली गई। शहर में नए और आधुनिक मॉल बनने लगे, जिनमें बेहतर सुविधाएं और अधिक विकल्प उपलब्ध थे। इससे अंसल प्लाजा की लोकप्रियता धीरे-धीरे कम होती गई। नए मॉल में मल्टीप्लेक्स, बड़े फूड कोर्ट और आधुनिक ढांचा होने के कारण लोग वहां ज्यादा जाने लगे।
आज मॉल के आसपास का माहौल भी पहले जैसा नहीं रहा। रात के समय यहां रोशनी कम रहती है और कई जगहों पर सुनसान माहौल देखने को मिलता है। पार्किंग क्षेत्र, जहां पहले वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती थीं, अब अक्सर खाली दिखाई देता है। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं।
मॉल परिसर में मौजूद कुछ दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या लगातार कम होती गई, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ। कई दुकानों को बंद करना पड़ा और धीरे-धीरे मॉल की रौनक खत्म होती चली गई। कुछ लोगों का मानना है कि रखरखाव की कमी और बदलती उपभोक्ता आदतों ने भी इस स्थिति को जन्म दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी विकास के साथ पुराने व्यावसायिक केंद्रों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। यदि समय के साथ सुविधाओं को अपडेट नहीं किया जाए, तो ऐसे स्थानों की लोकप्रियता कम हो जाती है। अंसल प्लाजा इसका एक उदाहरण माना जा रहा है।
हालांकि कुछ दुकानदार और स्थानीय निवासी उम्मीद जता रहे हैं कि यदि यहां बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए और नए व्यावसायिक विकल्प लाए जाएं, तो मॉल में फिर से रौनक लौट सकती है। फिलहाल यह मॉल अपने सुनहरे अतीत की याद दिलाता हुआ शांत खड़ा दिखाई देता है।
साल 1999 में दक्षिण दिल्ली में शुरू हुआ यह मॉल राजधानी के शुरुआती बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शामिल था। उस समय दिल्ली में मॉल संस्कृति नई थी और अंसल प्लाजा लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया था। यहां फैशन स्टोर्स, फूड आउटलेट और मनोरंजन सुविधाएं लोगों को खींचकर लाती थीं। सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में परिवार और युवा पहुंचते थे।
समय के साथ स्थिति बदलती चली गई। शहर में नए और आधुनिक मॉल बनने लगे, जिनमें बेहतर सुविधाएं और अधिक विकल्प उपलब्ध थे। इससे अंसल प्लाजा की लोकप्रियता धीरे-धीरे कम होती गई। नए मॉल में मल्टीप्लेक्स, बड़े फूड कोर्ट और आधुनिक ढांचा होने के कारण लोग वहां ज्यादा जाने लगे।
आज मॉल के आसपास का माहौल भी पहले जैसा नहीं रहा। रात के समय यहां रोशनी कम रहती है और कई जगहों पर सुनसान माहौल देखने को मिलता है। पार्किंग क्षेत्र, जहां पहले वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती थीं, अब अक्सर खाली दिखाई देता है। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं।
मॉल परिसर में मौजूद कुछ दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या लगातार कम होती गई, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ। कई दुकानों को बंद करना पड़ा और धीरे-धीरे मॉल की रौनक खत्म होती चली गई। कुछ लोगों का मानना है कि रखरखाव की कमी और बदलती उपभोक्ता आदतों ने भी इस स्थिति को जन्म दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी विकास के साथ पुराने व्यावसायिक केंद्रों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। यदि समय के साथ सुविधाओं को अपडेट नहीं किया जाए, तो ऐसे स्थानों की लोकप्रियता कम हो जाती है। अंसल प्लाजा इसका एक उदाहरण माना जा रहा है।
हालांकि कुछ दुकानदार और स्थानीय निवासी उम्मीद जता रहे हैं कि यदि यहां बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए और नए व्यावसायिक विकल्प लाए जाएं, तो मॉल में फिर से रौनक लौट सकती है। फिलहाल यह मॉल अपने सुनहरे अतीत की याद दिलाता हुआ शांत खड़ा दिखाई देता है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
More News
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
दिल्ली में आयुष्मान योजना का विस्तार, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज लाभ
February 27, 2026
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगा तेलंगाना प्रशासन जल्द
February 27, 2026
संभल में रंग एकादशी जुलूस और जुम्मे नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की
February 27, 2026
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…