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युवक की संदिग्ध मौत
19 वर्षीय युवक की मुठभेड़ में मौत से विवाद बढ़ा
गुरदासपुर एनकाउंटर विवाद गहराया, युवक की मौत पर परिवार ने उठाए गंभीर आरोप और जांच मांग
26 Feb 2026, 12:01 PM
Punjab
-
Gurdaspur
Reporter :
Mahesh Sharma
Gurdaspur
पंजाब के गुरदासपुर जिले में 19 वर्षीय युवक की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मृतक युवक रणजीत सिंह के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार का कहना है कि रणजीत सिंह को पुलिस ने पहले घर से उठाकर अपने साथ ले गई थी और बाद में मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना दी गई। मृतक की मां और अन्य परिजनों का आरोप है कि युवक को झूठे मामले में फंसाया गया और बिना किसी ठोस सबूत के उसकी जान ले ली गई। परिजनों के अनुसार रणजीत सिंह का आपराधिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था और पुलिस ने पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिजनों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी युवक को दोषी ठहराने पर चिंता जताई है और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत की गई। पुलिस के अनुसार दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें रणजीत सिंह भी शामिल था। पुलिस का दावा है कि एक आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके दौरान मुठभेड़ हुई और गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिवार और सामाजिक संगठन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस अपने दावे पर कायम है। मामले की सच्चाई सामने आने के लिए निष्पक्ष जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ों की पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
परिवार का कहना है कि रणजीत सिंह को पुलिस ने पहले घर से उठाकर अपने साथ ले गई थी और बाद में मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना दी गई। मृतक की मां और अन्य परिजनों का आरोप है कि युवक को झूठे मामले में फंसाया गया और बिना किसी ठोस सबूत के उसकी जान ले ली गई। परिजनों के अनुसार रणजीत सिंह का आपराधिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था और पुलिस ने पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिजनों का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने बिना न्यायिक प्रक्रिया के किसी युवक को दोषी ठहराने पर चिंता जताई है और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत की गई। पुलिस के अनुसार दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें रणजीत सिंह भी शामिल था। पुलिस का दावा है कि एक आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके दौरान मुठभेड़ हुई और गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कहा कि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिवार और सामाजिक संगठन न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस अपने दावे पर कायम है। मामले की सच्चाई सामने आने के लिए निष्पक्ष जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ों की पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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