Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
अंतरिक्ष में भारत का डेटा सेंटर
Agnikul और NeevCloud मिलकर AI डेटा सेंटर लॉन्च करेंगे
भारत का पहला अंतरिक्ष AI डेटा सेंटर 2026 में शुरू बदल सकता है टेक्नोलॉजी का परिदृश्य
23 Feb 2026, 02:53 PM
Tamil Nadu
-
Chennai
Reporter :
Mahesh Sharma
Chennai
भारत अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। चेन्नई की स्पेस कंपनी Agnikul Cosmos और AI क्लाउड कंपनी NeevCloud मिलकर अंतरिक्ष में देश का पहला AI डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य AI और डेटा प्रोसेसिंग के तरीके में क्रांति लाना है।
यह डेटा सेंटर पृथ्वी के पास की कक्षा (Low Earth Orbit – LEO) में लगाया जाएगा। कंपनियों का दावा है कि इसका पहला टेस्ट 2026 के अंत तक हो सकता है। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो भारत अंतरिक्ष में AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में वैश्विक पायदान पर पहुंच जाएगा।
स्पेस में डेटा सेंटर स्थापित करने के कई फायदे हैं। वर्तमान में बड़े डेटा सेंटर जमीन पर बनाए जाते हैं, जिनमें सर्वर और कंप्यूटर रखे जाते हैं। अंतरिक्ष में डेटा सेंटर होने से AI मॉडल तेज़ी से प्रोसेस होंगे, नेटवर्क की गति बढ़ेगी और प्राकृतिक आपदाओं या बिजली कटौती जैसी समस्याओं का असर कम होगा।
Agnikul Cosmos रॉकेट और स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम करती है। कंपनी का उद्देश्य अंतरिक्ष में छोटे और किफायती AI डेटा सेंटर स्थापित करना है, जो वैज्ञानिक और तकनीकी शोध में मददगार साबित होगा। दूसरी ओर, NeevCloud AI और क्लाउड तकनीक में विशेषज्ञ है। यह कंपनी AI मॉडल को रन करने और डेटा प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी संभालेगी।
इस प्रयोग की सफलता से भविष्य में AI का काम करने का तरीका बदल सकता है। अभी जो कार्य जमीन पर डेटा सेंटर से किए जाते हैं, उन्हें अंतरिक्ष के माध्यम से तेज़ और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। मॉडल में लगे कंप्यूटर और सर्वर सीधे AI से जुड़े कार्य करेंगे। नीचे जमीन से भेजा गया डेटा उपर इस सिस्टम तक पहुंचेगा, और फिर प्रक्रिया के बाद वापस उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना भारत को तकनीकी रूप से अंतरिक्ष में अग्रणी बनाने में मदद करेगी। साथ ही, यह अंतरिक्ष और AI को जोड़ने वाला पहला कदम होगा, जो भविष्य में विभिन्न उद्योगों में नए अवसर पैदा कर सकता है।
अमेरिकी अरबपति Elon Musk भी स्पेस में डेटा सेंटर स्थापित करने के प्रयास में हैं। हालांकि, भारत की यह पहल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा और नवाचार दोनों को बढ़ावा देगी।
इस तरह, 2026 के अंत तक भारत का पहला अंतरिक्ष AI डेटा सेंटर न केवल देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के भविष्य को भी आकार देगा।
यह डेटा सेंटर पृथ्वी के पास की कक्षा (Low Earth Orbit – LEO) में लगाया जाएगा। कंपनियों का दावा है कि इसका पहला टेस्ट 2026 के अंत तक हो सकता है। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो भारत अंतरिक्ष में AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में वैश्विक पायदान पर पहुंच जाएगा।
स्पेस में डेटा सेंटर स्थापित करने के कई फायदे हैं। वर्तमान में बड़े डेटा सेंटर जमीन पर बनाए जाते हैं, जिनमें सर्वर और कंप्यूटर रखे जाते हैं। अंतरिक्ष में डेटा सेंटर होने से AI मॉडल तेज़ी से प्रोसेस होंगे, नेटवर्क की गति बढ़ेगी और प्राकृतिक आपदाओं या बिजली कटौती जैसी समस्याओं का असर कम होगा।
Agnikul Cosmos रॉकेट और स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम करती है। कंपनी का उद्देश्य अंतरिक्ष में छोटे और किफायती AI डेटा सेंटर स्थापित करना है, जो वैज्ञानिक और तकनीकी शोध में मददगार साबित होगा। दूसरी ओर, NeevCloud AI और क्लाउड तकनीक में विशेषज्ञ है। यह कंपनी AI मॉडल को रन करने और डेटा प्रोसेसिंग की जिम्मेदारी संभालेगी।
इस प्रयोग की सफलता से भविष्य में AI का काम करने का तरीका बदल सकता है। अभी जो कार्य जमीन पर डेटा सेंटर से किए जाते हैं, उन्हें अंतरिक्ष के माध्यम से तेज़ और सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। मॉडल में लगे कंप्यूटर और सर्वर सीधे AI से जुड़े कार्य करेंगे। नीचे जमीन से भेजा गया डेटा उपर इस सिस्टम तक पहुंचेगा, और फिर प्रक्रिया के बाद वापस उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना भारत को तकनीकी रूप से अंतरिक्ष में अग्रणी बनाने में मदद करेगी। साथ ही, यह अंतरिक्ष और AI को जोड़ने वाला पहला कदम होगा, जो भविष्य में विभिन्न उद्योगों में नए अवसर पैदा कर सकता है।
अमेरिकी अरबपति Elon Musk भी स्पेस में डेटा सेंटर स्थापित करने के प्रयास में हैं। हालांकि, भारत की यह पहल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा और नवाचार दोनों को बढ़ावा देगी।
इस तरह, 2026 के अंत तक भारत का पहला अंतरिक्ष AI डेटा सेंटर न केवल देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के भविष्य को भी आकार देगा।
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
More News
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगा तेलंगाना प्रशासन जल्द
February 27, 2026
दिल्ली में आयुष्मान योजना का विस्तार, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज लाभ
February 27, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
संभल में रंग एकादशी जुलूस और जुम्मे नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…