Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
इंश्योरेंस के नाम पर ठगी
RTGS से 42 लाख ट्रांसफर, जालसाज फरार
अमेठी में फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 42 लाख की साइबर ठगी, पीड़ित के उड़े होश
17 Feb 2026, 03:27 PM
Uttar Pradesh
-
Amethi
Reporter :
Mahesh Sharma
Amethi
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर 42 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। यह घटना शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के ब्योरेमऊ गांव की है, जहां निवासी राम मिलन इस ठगी का शिकार हुए।
जानकारी के मुताबिक, राम मिलन ने वर्ष 2014 में दिल्ली की एक निजी कंपनी से एक इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। दो साल बाद संबंधित एजेंट की मौत हो गई, जिसके कारण प्रीमियम जमा करने और पॉलिसी से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में उन्हें दिक्कत आने लगी। इसी दौरान राहुल जैन नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए पॉलिसी की रकम दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपी ने दावा किया कि पॉलिसी की बड़ी राशि क्लेम के रूप में मिलने वाली है, लेकिन इसके लिए पहले टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के नाम पर भुगतान करना होगा। भरोसा जीतने के लिए उसने आधिकारिक दस्तावेजों जैसे दिखने वाले कागजात भी भेजे।
राम मिलन ने आरोपी के झांसे में आकर अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के माध्यम से रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी। यह सिलसिला लगातार चलता रहा और अगस्त 2025 तक उन्होंने कुल 42 लाख रुपये विभिन्न खातों में भेज दिए। आखिरी बार 6 अगस्त 2025 को उन्होंने 1.94 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें पॉलिसी की रकम नहीं मिली और आरोपी का फोन बंद हो गया, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में अपराधी पहले पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के भुगतान से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इंश्योरेंस क्लेम के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी आई है। ठग नकली दस्तावेज और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को भ्रमित करते हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
इस घटना ने क्षेत्र में लोगों को सावधान कर दिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, राम मिलन ने वर्ष 2014 में दिल्ली की एक निजी कंपनी से एक इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी। दो साल बाद संबंधित एजेंट की मौत हो गई, जिसके कारण प्रीमियम जमा करने और पॉलिसी से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में उन्हें दिक्कत आने लगी। इसी दौरान राहुल जैन नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए पॉलिसी की रकम दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपी ने दावा किया कि पॉलिसी की बड़ी राशि क्लेम के रूप में मिलने वाली है, लेकिन इसके लिए पहले टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के नाम पर भुगतान करना होगा। भरोसा जीतने के लिए उसने आधिकारिक दस्तावेजों जैसे दिखने वाले कागजात भी भेजे।
राम मिलन ने आरोपी के झांसे में आकर अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के माध्यम से रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी। यह सिलसिला लगातार चलता रहा और अगस्त 2025 तक उन्होंने कुल 42 लाख रुपये विभिन्न खातों में भेज दिए। आखिरी बार 6 अगस्त 2025 को उन्होंने 1.94 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्हें पॉलिसी की रकम नहीं मिली और आरोपी का फोन बंद हो गया, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में अपराधी पहले पीड़ित का विश्वास जीतते हैं और फिर चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के भुगतान से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इंश्योरेंस क्लेम के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी आई है। ठग नकली दस्तावेज और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को भ्रमित करते हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
इस घटना ने क्षेत्र में लोगों को सावधान कर दिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
More News
कांशीराम जयंती पर बढ़ी सियासी तकरार, सपा की पहल से बसपा प्रमुख मायावती नाराज
February 27, 2026
जेएनयू में छात्र प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, मार्च को लेकर पुलिस और विद्यार्थियों में टकराव हुआ
February 27, 2026
छोटी फिल्मों को दर्शक नहीं मिल रहे, अभिनेता आदर्श गौरव ने जताई निराशा और उम्मीद
February 27, 2026
तीन मोर्चों पर बढ़ा दबाव, पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चुनौतियां हुईं गंभीर
February 27, 2026
शराब नीति मामले में राहत मिलने पर अरविंद केजरीवाल भावुक, आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
February 27, 2026
झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति में किस दल का प्रभाव बढ़ेगा
February 27, 2026
होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, प्रेमानंद महाराज ने बताए सावधानी और उपाय
February 27, 2026
टी20 विश्व कप के बीच क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, परिवार में शोक
February 27, 2026
सर्जरी के दौरान दर्द से जूझीं टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़, सफल ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं
February 27, 2026
23 साल बाद बरी हुआ आरोपी, बेटे के बयान बदलने से हत्या केस में नया मोड़
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…