Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
तंत्री गिरफ्तारी पर राजनीतिक विवाद
सबरीमाला मामले पर सदन में विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन
सबरीमाला तंत्री गिरफ्तारी विवाद पर केरल विधानसभा में जोरदार हंगामा, विपक्ष ने किया वॉकआउट
23 Feb 2026, 05:33 PM
Kerala
-
Thiruvananthapuram
Reporter :
Mahesh Sharma
Thiruvananthapuram
सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले में तंत्री की गिरफ्तारी को लेकर केरल की राजनीति में तीखा टकराव देखने को मिला। इस मुद्दे पर केरल विधानसभा के भीतर भारी हंगामा हुआ और विपक्ष ने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कहा कि धार्मिक पद पर बैठे व्यक्ति की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकती है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने तंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में तंत्री को आरोपी बनाया गया और क्या जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि धार्मिक पदाधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है।
विपक्ष के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में संबंधित मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि अदालत के आदेश और जांच की दिशा पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सबरीमाला से जुड़े इस विवाद के दौरान महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को भी फिर से उठाया गया। विपक्षी नेताओं ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की और पूछा कि पहले जो हलफनामा दाखिल किया गया था, क्या सरकार अभी भी उसी नीति पर कायम है। उनका कहना था कि धार्मिक मामलों में सरकार की नीति अस्पष्ट दिखाई दे रही है।
सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायक बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। माहौल इतना गर्म हो गया कि कई बार कार्यवाही बाधित हुई। इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है।
सरकार की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है और कानून अपना काम कर रहा है।
लगातार हंगामे के बाद स्थिति सामान्य न होने पर विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस घटना के बाद सबरीमाला विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस तेज होने की संभावना है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने तंत्री की गिरफ्तारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में तंत्री को आरोपी बनाया गया और क्या जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि धार्मिक पदाधिकारी को निशाना बनाया जा रहा है।
विपक्ष के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में संबंधित मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि अदालत के आदेश और जांच की दिशा पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सबरीमाला से जुड़े इस विवाद के दौरान महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को भी फिर से उठाया गया। विपक्षी नेताओं ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की और पूछा कि पहले जो हलफनामा दाखिल किया गया था, क्या सरकार अभी भी उसी नीति पर कायम है। उनका कहना था कि धार्मिक मामलों में सरकार की नीति अस्पष्ट दिखाई दे रही है।
सदन में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायक बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते नजर आए। माहौल इतना गर्म हो गया कि कई बार कार्यवाही बाधित हुई। इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी पलटवार करते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है।
सरकार की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है और कानून अपना काम कर रहा है।
लगातार हंगामे के बाद स्थिति सामान्य न होने पर विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस घटना के बाद सबरीमाला विवाद एक बार फिर राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर बहस तेज होने की संभावना है।
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
More News
कांशीराम जयंती पर बढ़ी सियासी तकरार, सपा की पहल से बसपा प्रमुख मायावती नाराज
February 27, 2026
जेएनयू में छात्र प्रदर्शन ने पकड़ा जोर, मार्च को लेकर पुलिस और विद्यार्थियों में टकराव हुआ
February 27, 2026
छोटी फिल्मों को दर्शक नहीं मिल रहे, अभिनेता आदर्श गौरव ने जताई निराशा और उम्मीद
February 27, 2026
तीन मोर्चों पर बढ़ा दबाव, पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चुनौतियां हुईं गंभीर
February 27, 2026
शराब नीति मामले में राहत मिलने पर अरविंद केजरीवाल भावुक, आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
February 27, 2026
झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति में किस दल का प्रभाव बढ़ेगा
February 27, 2026
होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, प्रेमानंद महाराज ने बताए सावधानी और उपाय
February 27, 2026
टी20 विश्व कप के बीच क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, परिवार में शोक
February 27, 2026
सर्जरी के दौरान दर्द से जूझीं टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़, सफल ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहीं
February 27, 2026
23 साल बाद बरी हुआ आरोपी, बेटे के बयान बदलने से हत्या केस में नया मोड़
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…